Tourism Uttarakhand

संयुक्त परिवार की सुखद सार्थकता पर आधारित एक पहल – बाखली

Pahadi Log
ग्रामीण परिवेश मे बाखली एक उपक्रम मात्र था जिसे परिभाषित करने की आवश्यकता के समय की माग है| एक...
Poetry

इस पहाड़ ने क्या-क्या देखा है… Beautiful poem by Kartik Bhatt

Pahadi Log
इस पहाड़ ने क्या-क्या देखा है.. नदियों को निकलते देखा है… पानी को फिसलते देखा है.. ज़रूरतों का आभाव...
Poetry Uttarakhand

लौटने की तैयारी.. जीवन यात्रा में | Poetry by Mohan Negi

Mohan Negi
मैं मोहन नेगी आज आप के साथ अपनी कुछ  यादों के लम्हों को “पहाडी लोग” ब्लॉग के द्वारा कहने...
Poetry

फिर जवानी नीचे भागती है, और बुढ़ापा ऊपर बैठा बस राह तकता है | poem by Kartik Bhatt

Pahadi Log
वो जो देखा था हमने एक सपना, कि कैसा होगा अलग प्रदेश अपना.. वो सपना रोज़ टूटता हैं, जब...