Tag : Travel in Uttarakhand

Poetry

ये हाल देख के मेरा पहाड़ भी रो गया – poem by Kartik Bhatt

Pahadi Log
वो कभी घर हुआ करता था हमारा पर आज वो खंडहर है, वहाँ कभी खेत हुआ करते थे हमारे...
Poetry

इन्सान जो ये भागा है…वो कभी तो लौटकर आयेगा | a Poetry by Kartik Bhatt

Pahadi Log
इन्सान जो ये भागा है वो देखो कब तक भागेगा | वो दूर शहर में जो सोया है वो...