Himanshu Pathak's Writings - Pahadi Log
Poetry

कह दे तू दिल की बात… Poetry by Himanshu Pathak

जो बात दिल में है तेरे, कह दे तू आज और अभी ।

मौका भी और दस्तूर भी, और वो महफिल में पास भी ।

जो बात दिल में है तेरे, कह दे तू आज और अभी ।

कल पर ना टाल आज को, कह दे तू दिल की बात को ।

जो चूक जायेगी आज तू,तो,  ना कह पाएगी फिर कभी ।

मौका भी और दस्तूर भी और वो महफिल में पास भी ।

जो बात दिल में है तेरे कह दे तू आज और अभी ।

बातें अधूरी छोड़ कर, क्या तू जी पाएगी जिन्दगी ।

अपनी अधूरी ख़्वाहिशों संग, खुश तू रह पाएगी कभी ।

जो बात दिल में है तेरे कह दे तू आज और अभी ।

मौका भी और दस्तूर भी और वो महफिल में पास भी ।

कल सब कुछ हो पास में तेरे, दुनियाँ-जहान की खुशी ।

एक खलिस, दिल की तेरी ीने ना देगी तुझको कभी ।

उम्र भर दिदार को उनको, उनके तरस, तू जाएगी ।

मौका भी, दस्तूर भी और वो, महफिल मे, है पास भी ।

मौत की चाहत होगी तो होगी, दामन ना छोड़गी जिन्दगी ।

एक अधुरी ख्वाहिशें बन कर रह जाएगी जिन्दगी ।

कल की खुशी के वास्ते, कर ले तू उनसे बात अभी ।

मौका भी और दस्तूर भी और वो महफिल में पास भी

दिल में जो तेरे बात है कह दे तू आज और अभी ।

जो बात दिल में है तेरे कह दे तू आज और अभी ।

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