Category : Poetry

Poetry

इस पहाड़ ने क्या-क्या देखा है… Beautiful poem by Kartik Bhatt

Pahadi Log
इस पहाड़ ने क्या-क्या देखा है.. नदियों को निकलते देखा है… पानी को फिसलते देखा है.. ज़रूरतों का आभाव...
Poetry Uttarakhand

लौटने की तैयारी.. जीवन यात्रा में | Poetry by Mohan Negi

Mohan Negi
मैं मोहन नेगी आज आप के साथ अपनी कुछ  यादों के लम्हों को “पहाडी लोग” ब्लॉग के द्वारा कहने...
Poetry

फिर जवानी नीचे भागती है, और बुढ़ापा ऊपर बैठा बस राह तकता है | poem by Kartik Bhatt

Pahadi Log
वो जो देखा था हमने एक सपना, कि कैसा होगा अलग प्रदेश अपना.. वो सपना रोज़ टूटता हैं, जब...
Poetry Uttarakhand

मोहनदा पुरानी सी बाइक में सवार हो पहुँच जाते बचदा की दुकान । by Himanshu Pathak

Pahadi Log
मोहनदा, नीली जींस, लाल टी-शर्ट पहने हुऐ व साथ में नीलें स्पोर्ट्स के जूते। मोहनदा की आँखों  में काला...
Poetry

ये हाल देख के मेरा पहाड़ भी रो गया – poem by Kartik Bhatt

Pahadi Log
वो कभी घर हुआ करता था हमारा पर आज वो खंडहर है, वहाँ कभी खेत हुआ करते थे हमारे...
Poetry

इन्सान जो ये भागा है…वो कभी तो लौटकर आयेगा | a Poetry by Kartik Bhatt

Pahadi Log
इन्सान जो ये भागा है वो देखो कब तक भागेगा | वो दूर शहर में जो सोया है वो...
Poetry

अतीत के पथ पर – हिमाँशु पाठक जी की कलम से

Himanshu Pathak
फुरसत के क्षण हैं। चलो! चलते हैं, सैर पर, अतीत के पथ पर। जहाँ होंगी स्मृतियों के, सुगंधित रंग-बिरंगे...
Himachal Pradesh Nepal North East Poetry Uttarakhand

आओ रे आओ सखी आओ, मंगल गीत गाओ, प्रज्वलित करों मंगल दीप – Welcome Poem by Himanshu Pathak

Himanshu Pathak
आगतम, आगतम, आगतम, शुभ स्वागतम। सुस्वागतम्, आगतम, शुभ स्वागतम, त्वम् आगतम आओ रे आओ सखी आओ, मंगल गीत गाओ।...