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Pahadi Log

Kartik Bhatt - Writer @ Pahadi Log

फिर जवानी नीचे भागती है, और बुढ़ापा ऊपर बैठा बस राह तकता है | poem by Kartik Bhatt

वो जो देखा था हमने एक सपना, कि कैसा होगा अलग प्रदेश अपना.. वो सपना रोज़ टूटता हैं, जब गाँव किसिका छूटता… जब मजबूरियाँ किसी… Read More »फिर जवानी नीचे भागती है, और बुढ़ापा ऊपर बैठा बस राह तकता है | poem by Kartik Bhatt

Holi 2021 | Pahadi Log

होली का आमन्त्रण – हिमांशु पाठक | Pahadi Log

कोरोना काल में लगे लॉकडाऊन को एक साल पूरा हो चुका है। हमारे कई बंधु सपरिवार लॉकडाऊन की पीड़ा से ग्रस्त हो अपना सब कुछ… Read More »होली का आमन्त्रण – हिमांशु पाठक | Pahadi Log

Himanshu Pathak's Writings - Pahadi Log

मोहनदा पुरानी सी बाइक में सवार हो पहुँच जाते बचदा की दुकान । by Himanshu Pathak

मोहनदा, नीली जींस, लाल टी-शर्ट पहने हुऐ व साथ में नीलें स्पोर्ट्स के जूते। मोहनदा की आँखों  में काला चश्मा, सिर में देवानन्द स्टाइल हेट,… Read More »मोहनदा पुरानी सी बाइक में सवार हो पहुँच जाते बचदा की दुकान । by Himanshu Pathak

Pahadi Log, Migrate Image Issue

ये हाल देख के मेरा पहाड़ भी रो गया – poem by Kartik Bhatt

वो कभी घर हुआ करता था हमारा पर आज वो खंडहर है, वहाँ कभी खेत हुआ करते थे हमारे पर आज वो सब बंजर है|… Read More »ये हाल देख के मेरा पहाड़ भी रो गया – poem by Kartik Bhatt

Kartik Bhatt Insaan Jo Bhaaga

इन्सान जो ये भागा है…वो कभी तो लौटकर आयेगा | a Poetry by Kartik Bhatt

इन्सान जो ये भागा है वो देखो कब तक भागेगा | वो दूर शहर में जो सोया है वो कभी तो नींद से जागेगा |… Read More »इन्सान जो ये भागा है…वो कभी तो लौटकर आयेगा | a Poetry by Kartik Bhatt